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भारत और चीन सेना के बीच एक बार फिर कमांडर स्तर की वार्ता

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  लद्दाख भारत और चीन में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सीमा विवाद जारी है।इस बीच शनिवार को दौलत बेग ओल्डी में दोनों देश मेजर जनरल स्तर की वार्ता हुई। वार्ता शाम 7.30 बजे खत्म हुई। दोनों सेनाओं ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जवानों को पीछे हटाने को लेकर बातचीत की।  रणनीतिक तौर से महत्वपूर्ण डेपसांग क्षेत्र में तनाव कम करने की योजना पर भारत और चीन के बीच बातचीत हुई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 3 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मेजर जनरल अभिजीत बापट ने की। बैठक का एजेंडा डेपसांग पर तनाव को कम करना रहा, जहां दोनों पक्षों ने विवादित सीमा पर सैनिकों की बड़े पैमाने पर तैनाती की हुई है। सूत्रों के मुताबिक, मेजर जनरल बापट ने अपने चीनी समकक्ष के साथ बातचीत में डेपसांग से गुजरने वाले पेट्रोलिंग पॉइंट 10 से 13 के बीच गश्त को रोकने पर कड़ा विरोध जताया। चीन इस इलाके में भारतीय सेना को गश्त करने से रोक रहा है, जबकि यह भारतीय क्षेत्र में आता है। अनुमान है कि 15,000 से अधिक चीनी सैनिक डेपसांग के विपरीत तैनात हैं। वहीं भारत ने भी सैनिकों की तैनाती की है जिसम...

पूर्व मंत्री मनोज सिन्हा ने कार्यभार ग्रहण किया जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल बने

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  श्रीनगरबीएचयू के छात्रसंघ अध्यक्ष से केंद्रीय मंत्री तक का सफर पूरा करने वाले मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का नया उपराज्यपाल बनाया गया है। बिहार चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री को बडे़ पद (उपराज्यपाल) से नवाज कर भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है पूर्वांचल से रोटी-बेटी के रिश्ते से जुड़े बिहार के भूमिहार समाज को सीधा संदेश देने की कोशिश की गई है। इसके अलावा इस निर्णय को वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए पूर्वांचल में जमीन मजबूत करने की कवायद से जोड़ा जा रहा है। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल सिन्हा को जम्मू कश्मीर की नई जिम्मेदारी देकर पार्टी ने यूपी के सियासी समीकरण भी साधे हैं। तीन दशक से राजनीति में सक्रिय पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा की पूर्वांचल के हर वर्ग में स्वीकार्यता है। उत्तर भारत की शिक्षा के बड़े केंद्र बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे मनोज सिन्हा पूर्वांचल के साथ ही बिहार की सियासत में सक्रिय रहे हैं। छात्र राजनीति से सक्रियता के कारण वर्षों से बिहार की सियासत में भी दखल रखते रहे हैं। जानका...

अयोध्या ब्रेकिंग मोदी ने किया राम मंदिर जन्मभूमि का भूमि पूजन

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अयोध्या  प्रधानमंत्री के हाथों राममंदिर के भूमिपूजन के साथ ही रामलला के नए युग का भी आगाज हुआ। उन्होंने राममंदिर के भूमि पूजन के साथ ही असंख्य बलिदानियों के स्वप्नों को भी मूर्त रूप देने की नींव रखी है। राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 77 युद्धों का दावा किया जाता है। भगवान की जन्मभूमि पर फिर से राममंदिर की कल्पना पूर्व में अकल्पनीय हो गई थी, लेकिन समय ने करवट ली और वह कल्पना अब साकार हो रही है। राम जन्मभूमि की मुक्ति का संघर्ष तो करीब पांच सौ वर्ष पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन कोर्ट की चौखट पर यह मामला 1885 में पहुंचा। निर्मोही अखाड़ा के महंत रघुवर दास ने स्थानीय सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपील दायर की कि विवादित परिसर से लगे रामचबूतरा पर उन्हें मंदिर निर्माण की इजाजत दी जाए। यहीं से इस मामले का अदालती सफर शुरू हुआ। हालांकि मंदिर-मस्जिद विवाद 1528 में ही सामने आया।  मान्यता के अनुसार मुगल शासक बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर बाकी ने राम जन्मभूमि पर बने मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया। इसके बाद से ही राम जन्मभूमि की मुक्ति का संघर्ष शुरू हो गया। माना जाता है...

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का निधन

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नई दिल्ली राज्यसभा सांसद अमर सिंह का आज दोपहर 3:00 बजे सिंगापुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया अमर सिंह महीनों से बीमार चल रहे थे पहले वह भोपाल के एम्स में भर्ती थे जिन के बाद उनके हालत में कुछ सुधार नहीं दिखा तो परिजनों ने उन्हें सिंगापुर मैं ले जाकर भर्ती कराया उन्हें टीवी का रोग हो गया था अमर सिंह एक छतरी नेता थे और पहले समाजवादी पार्टी में समाजवादी पार्टी के महासचिव पद पर रहे हैं बाद में राज्यसभा सांसद रहे दो बार सांसद लोकसभा का चुनाव लड़ा और वह मुलायम सिंह यादव के बहुत करीबी थे साथ ही साथ अमिताभ बच्चन ने भी उनके दुख पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी उनके निधन का सूचना दोपहर 2:55 पर आया उनके प्रशंसकों काफी बड़ा दुख हुआ अमर सिंह अपने जमाने के बहुत ही बेहतरीन राजनीतिक थे मुलायम सिंह के दाहिने हाथ के तौर पर काम करते थे मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में अमर सिंह मुलायम सिंह के बाद दूसरे से व्यक्ति थे जो पूरे उत्तर प्रदेश में काम करते थे और समाजवादी पार्टी से लंबे वक्त तक जुड़े रहे थे लेकिन कुछ समय पहले ही अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था