भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ बाहुबली राफेल
नई दिल्ली दुनिया के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में शुमार राफेल विमान बुधवार को आखिरकार भारत को मिल गए। फ्रांस के मेरिगनेक एयरबेस से सोमवार को उड़ान भरने वाले पांच राफेल विमान करीब सात हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर वायुसेना के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहला राफेल विमान उतरा। इसके बाद एक-एक कर बाकी चारों विमानों ने 3 बजकर 13 मिनट पर सकुशल लैंडिंग की। राफेल की लैंडिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने संस्कृत के श्लोक से स्वागत किया। पीएम ने ट्वीट किया, राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च। नभ: स्पृशं दीप्तम्... स्वागतम्। इससे पहले, राफेल विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने पर दो सुखोई-30 विमानों ने उनकी अगवानी की और अंबाला एयरबेस पर लैंड करने के बाद वाटर सैल्यूट दिया गया। इन विमानों में तीन एक सीट वाले, जबकि दो विमान दो सीट वाले हैं। इन्हें अंबाला की 17वीं स्क्वाड्रन में शामिल किया गया, जिसे ‘गोल्डन एरोज’ के नाम से भी जाना जाता है। 7,364 किमी का सफर तय करके अंबाला पहुं...